` अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का राजधानी देहरादून में भंडाफोड़

अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का राजधानी देहरादून में भंडाफोड़

देहरादून के पटेलनगर में दून से लेकर अमेरिका तक चल रहे अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का हुआ खुलासा

उत्तराखंड की राजधानी दून के अति व्यस्त स्थान पटेलनगर में फर्जी कॉल सेंटर लगातार सक्रिय हैं और अंतराष्ट्रीय ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे है। इनके निशाने पर ज़्यादातर भोले भाले विदेशी लोग थे जिनको ये आरोपी अपने  जाल में फंसा कर ठगी की बड़ी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। 

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कैसे की जाती है ऑनलाइन ठगी ?

आरोपियों द्वारा वायरस बनाकार उसे टेक्नोलॉजी तथा नेटवर्क  की मदद से अमेरिका में संचालित कंप्यूटरों में भेजा जाता है और उसमें एक टोल फ्री नम्बर लिख दिया जाता है | यह वायरस ऐसा होता है कि आप इसे आसानी से अपनी स्क्रीन से हटा नहीं सकते हैं, मजबूरन कंप्यूटर मालिक को दिए गए नम्बर पर कॉल करना पड़ता है |

आरोपी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर बात करते हैं और वायरस को कंप्यूटर स्क्रीन से हटाने के लिए पैसों की मांग करते हैं | जिसको कंप्यूटर से सम्बंधित अधिक जानकारी नहीं होती है उसे मजबूरन कंप्यूटर सही करने के लिए पैसे देने पड़ते हैं |


ऐसा ही एक मामला राजधानी के पटेल नगर से सामने आया है आरोपी बेहद ही शातिर थे और अमेरीका में बैठी एक महिला कर्मचारी की मदद से करोड़ो रूपये के वारे न्यारे कर रहे थे।  जानकारी देते हुए डीआईजी निलेश आनंद भरणे व एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया की लंबे समय से आरोपी पटेल नगर से फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे |

एसटीएफ़ ने आरोपियों के पास से लेपटॉप , कंप्यूटर ,वायर लेस राऊटर बरामद किया है, डीआईजी ने बताया कि अमेरिका से दिल्ली करोड़ो की ट्रांजेक्शन आरोपियों के खातों में हुई है। मामले में लगातार जांच की जा रही है वही आरोपियों का कहना है कि 2 साल से वो इसी तरह से ठगी कर रहे है और ठगी से हर महीने लगभग 3 से 4 लाख रुपये की आमदनी हो जाती थी। 

मामले में इंटरपोल व अमेरिका के दूतावास से भी इनके इंटरनेशनल अड्डे तक पहुंचा जा रहा है। आरोपी विवेक गुप्ता, सूद खान को पटेलनगर में गुरुराम राय इंटर कॉलेज के निकट से 10 दिनों की पूरी पड़ताल व जांच के बाद अरेस्ट किया गया है।


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