` बड़ासी पुल मामले में तीन अभियंता हुए निलंबित

बड़ासी पुल मामले में तीन अभियंता हुए निलंबित

बड़ासी पुल की जांच रिपोर्ट शासन के पास पहुंची, बताया गया रोड ध्वस्त होने का कारण

देहरादून में बनाया गया नया बड़ासी पुल बारिश को ही नहीं झेल पाया और और कुछ ही सालों में ध्वस्त हो गया, जिससे सरकार पर उँगलियाँ उठाई गयी और गहराई से इसकी जांच की गयी | 

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बडासी पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त होने की प्रारंभिक जांच पूरी कर दी गई है। इसके साथ ही राजमार्ग इकाई के मुख्य अभियंता एस के बिड़ला ने रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं।

राजमार्ग इकाई की ओर से जांच रिपोर्ट पर किसी भी तरह की टिप्पणी से इन्कार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई शासन की ओर से की जाएगी। हालांकि, सूत्रों की मानें तो पुल के डिजाइन में किसी तरह की खामी नहीं पाई गई है। इतना जरूर है कि निर्माण के दौरान एप्रोच रोड के निर्माण मानकों का उचित पालन नहीं किया गया। इसी के चलते तीन साल से भी कम समय में एप्रोच रोड ध्वस्त हो गई।

लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता व विभागाध्यक्ष हरिओम शर्मा का कहना है कि जल्द एप्रोच रोड के निर्माण की कार्रवाई भी शुरू कर दी जाएगी। एप्रोच का करीब 20 मीटर भाग ध्वस्त हुआ है। लिहाजा, धरातलीय सर्वे के बाद तय किया जाएगा कि इससे ध्वस्त भाग के अलावा इससे आगे कितने हिस्सा का निर्माण नए सिरे से किया जाना है। इतना जरूर है कि पुराने डिजाइन पर निर्माण नहीं किया जाएगा। एप्रोच रोड के लिए नया डिजाइन तैयार होगा और फिर उसी आधार पर निर्माण किया जाएगा।

बड़ासी पुल मामले में तीन अभियंता हुए निलंबित

राजधानी दून के बड़ासी पुल की एप्रोच रोड टूटने के मामले में शासन ने कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। जिसमें अधिशासी अभियंता जीत सिंह रावत तत्कालीन अधिशासी अभियंता शैलेंद्र मिश्र और सहायक अभियंता अनिल कुमार चंदोला को निलंबित कर दिया गया है। 

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