` What is importance of Uttarakhand climate?

What is importance of Uttarakhand climate?

उत्तराखंड राज्य का अधिकतर हिस्सा हरे भरे पेंड पौधों, पहाड़, जंगल नदियों इत्यादि से घिरा हुआ है, जिसकी वजह से यहाँ का तापमान मैदानी राज्यों की तुलना में कम ही रहता है | यहाँ के कुछ इलाकों में भारी बर्फवारी होती है जिसकी वजह से ऐसे इलाकों में काफी ठण्ड भी रहती है |

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क्या है उत्तराखंड की जलवायु की खासियत ?

किसी भी स्थान की जलवायु उसकी भौगोलिक स्थिति, समुद्र ताल से ऊँचाई इत्यादि पर निर्भर करती है | उत्तराखंड की जलवायु की खासियत का पता ऋतुओं के हिसाब से लगाया जा सकता है |

  • ग्रीष्म ऋतु कि शुरुआत तब होती है जब सूर्य कर्क रेखा की ओर बढ़ता है, यह जून का महीना होता है | इस समय उत्तराखंड का तापमान अत्यधिक गर्म होता है |

  • जून से अक्टूबर तक वर्षा ऋतु का समय होता है, इन महीनों में राज्य में जोरदार बारिश होती है | कभी कभी तो यह बारिश इतनी खतरनाक होती है कि आपदा का रूप ले लेती है | उत्तराखंड में सबसे कम वर्षा बृहत हिमालय के ऊपरी तथा उत्तरी क्षेत्रों में होती है तथा सबसे अधिक वर्षा वाले क्षेत्र शिवालिक, भावर तथा तराई क्षेत्र हैं |

  • अक्टूबर से मार्च तक का समय शीत ऋतु कहलाता है इस समय जनवरी का महीना सबसे ठण्डा महीना माना जाता है | इसके आस पास के महीनों में उत्तराखंड राज्य में वर्फबारी भी देखने को मिलती है |

Best Time to Visit in Uttarakhand

यूँ तो उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है जहाँ पर यदि आप भ्रमण के मकसद से आ रहे हैं तो आपको कभी निराशा नहीं मिलेगी | देवभूमि उत्तराखंड की खूबसूरती प्रत्येक पर्यटक के मन को मोह लेती है |

लेकिन अगर बात करी जाए यहाँ के मौसम, जलवायु परिवर्तन और संभावित आपदाओं के हिसाब से तो मार्च महीने से लेकर जून तक का समय भ्रमण हेतु उचित माना जाता है |

इन दिनों यहाँ का मौसम अत्यधिक सुहावना होता है और भारी मात्रा में पर्यटक देखने को मिलते हैं |
गर्मियों का मौसम यहाँ घूमने के लिए इसलिए उचित होता है क्योंकि दिन के समय भी यहाँ पर तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं जाता है तथा रात्रि के समय भी तापमान 20  डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गिरता है |
 

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