` Top 6 Most Popular Hill Station in Uttarakhand

Top 6 Most Popular Hill Station in Uttarakhand

 उत्तराखंड के Top 6 Hill Station, जहाँ प्रत्येक पर्यटकअपने जीवन में एक बार अवश्य जाना चाहता है 

 

most popular hill station in uttarakhand

नैसर्गिक सौन्दर्यता से परिपूर्ण उत्तराखंड राज्य अपने ऐतिहासिक एवं पौराणिक मान्यताओं और शान्त तथा सुन्दर वातावरण के आधार पर अन्य राज्यों से अलग है | इस राज्य की सुन्दरता पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है, यही कारण है कि यहाँ वर्ष भर शैलानियों का आवागमन लगा रहता है | यहाँ की सुन्दरता को देखने देश-विदेश के पर्यटक यहाँ पहुँचते हैं, तथा यहाँ की सौन्दर्यता की सराहना करते हैं | आज के लेख में हम आपको उत्तराखंड के Top 6 Hill Stations के बारे में जानकारी देने वाले हैं, जहाँ प्रत्येक पर्यटक अपने जीवन काल में एक बार अवश्य आना चाहता है |

  1. Mussoorie (मसूरी)
  2. Nainital (नैनीताल)
  3. Chopta (चोपता)
  4. Ranikhet (रानीखेत)
  5. Auli (औली)
  6. Bhimtal (भीमताल)

mussoorie- queen of hills

 समुद्रतल से लगभग 2005 मीटर की ऊँचाई पर स्थित मसूरी उत्तराखंड राज्य का प्रसिद्ध हिल स्टेशन है, तथा इसे पहाड़ों की रानी के नाम से भी जाना जाता है | First hill station of Uttarakhand की खोज सन 1825 में कैप्टन यंग के द्वारा की गयी थी तथा सन 1827 में यहाँ पर पहली इमारत बनायीं गयी थी जिसका नाम "मलिंगार होटल" था | मसूरी में स्थित दर्शनीय स्थल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं, जिनमे से कैम्पटी जलप्रपात, भट्टा जलप्रपात, लंढौर बाजार, तोप टिब्बा, गन हिल, धनौल्टी, तिब्बती स्तूप, कुलड़ी बाजार तथा हार्डी जलप्रपात मुख्य हैं |

गन हिल यहाँ की सबसे ऊँची पहाड़ी है जिसकी ऊँचाई समुद्रतल से लगभग 2122 मीटर है, यहाँ पहुँचने के बाद मसूरी का सुन्दर नजारा देखा जा सकता है |

कैम्पटी जलप्रपात मसूरी का प्रमुख आकर्षण का केंद्र है, जो कि यमुनोत्री मार्ग पर मसूरी शहर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरि पर स्थित है | 50 फुट की ऊँचाई से प्राकृतिक रूप से गिरता इस जलप्रपात का पानी बहुत सुन्दर प्रतीत होता है, जिसे देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से यहाँ आते हैं तथा इस जलप्रपात में नहाकर आनन्दित होते हैं |

 

Nainital- city lakes of uttarakhand

उत्तराखंड राज्य के नैनीताल जिले में स्थित नैनीताल शहर दुनिया भर में झीलों के शहर तथा सरोवर नगरी के नाम से भी प्रसिद्ध है तथा यहाँ की प्राकृतिक सुन्दरता ही इस शहर को उत्तराखंड के अन्य शहरों से अलग बनाती है | नैनीताल शहर अंग्रेजों के शासनकाल से ही भारत देश का मुख्य बिंदु रहा है, इस शहर की खोज सन 1841 में पीटर बैरन के द्वारा की गयी थी | समुद्र तल से लगभग 1338 मीटर की ऊँचाई पर होने के कारण इस जगह का मौसम अत्यधिक सुहावना रहता है तथा शरद ऋतु में यह स्थान सफ़ेद बर्फ की चादर से ढका हुआ बहुत सुन्दर प्रतीत होता है | यहाँ का सुहावना मौसम और प्राकृतिक सुन्दरता ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है, जिस बजह से प्रत्येक वर्ष लाखों की मात्रा में शैलानी यहाँ पहुँचते हैं |

नैनीताल में स्थित नैनीझील को दुनिया भर के लोग पसंद करते हैं क्योंकि यह झील तीन ओर से ऊँची-ऊँची पहाड़ियों से घिरी एक बहुत बड़ी प्राकृतिक झील है और नैनीताल शहर इसी झील के किनारे बसा हुआ है | उत्तराखंड के इस छोटे से हिल स्टेशन में भ्रमण के लिए कई ऐसे स्थान हैं जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं |

गर्मी के मौसम में तो यह शहर शैलानियो से पूरी तरह भरा रहता है, क्योंकि गर्मियों के दिनों में यहाँ का मौसम अत्यधिक सुहाना रहता है और इस हिल स्टेशन में गर्मी का एहसास बिल्कुल भी नहीं होता है, यही कारण है कि कई पर्यटक बच्चों की गर्मियों की छुट्टियाँ मनाने यही आते है तथा यहाँ के सुहावने मौसम का मजा लेते हैं | यदि आप वर्फ की चादर से ढका हुआ नैनीताल देखना चाहते है तो आपको शरद ऋतु में यहाँ आना होगा |

 

chopta uttarakhand

चोपता उत्तराखंड राज्य का एक ऐसा हिल स्टेशन है जिसे उत्तराखंड का मिनी स्विटजरलैंड कहा जाता है, यदि आप शहरों की भीडभाड तथा शोरगुल से परेशान हो चुके हैं तो अपना कुछ वक़्त आप यहाँ बिताइए आपके मन को शान्ति मिलेगी | यहाँ की शर्द हवाएं तथा आस-पास की हरियाली आपके मन को छू लेंगी और आपको यहाँ बार बार आने पे मजबूर कर देंगी | शरद ऋतु में यह हिल स्टेशन बर्फ से ढका हुआ बहुत सुन्दर प्रतीत होता है तथा उस प्राकृतिक सुन्दरता को देखने के लिए शैलानी दूर दूर से यहाँ प्रतिवर्ष आते हैं | यदि आप अपने मित्रों तथा सगे सम्बन्धियों के साथ सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं तो यह स्थान आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है | 

चोपता में भगवान् शिव को समर्पित तुंगनाथ मन्दिर है जो कि दुनिया का सबसे ऊँचा शिव मन्दिर है, यह मन्दिर उत्तराखंड के पंच केदारों में से एक है तथा इसे द्वितीय केदार पुकारा जाता है | भगवान् शिव को समर्पित यह मन्दिर 1000 वर्षों से भी पुराना है तथा इस मन्दिर की वास्तुकला शैली मद्महेश्वर तथा केदारनाथ मंदिरों के समान है | इस मन्दिर तक पहुँचने के लिए प्रयोग किया जाने वाला रास्ता अत्यधिक कठिन है किन्तु फिर भी यदि को सच्चे मन से भगवान् शिव के दर्शन के लिए यहाँ जाता है तो वह आसानी से मन्दिर तक पहुँचने में सक्षम होता है | बसंत ऋतु में यहाँ बुरांश के गहरे लाल रंग के पुष्प देखे जाते हैं और बुरांश ही उत्तराखंड का राज्य बृक्ष है |

 

ranikhet uttarakhand

 कुमांऊ रेजीमेंट का मुख्यालय तथा संग्रहालय रानीखेत शहर उत्तराखंड का बहुत ही प्रसिद्ध हिल स्टेशन है जो कि समुद्रतल से लगभग 6000 मीटर की ऊँचाई पर स्थित होने के कारण उत्तराखंड को प्रकृति का एक वरदान है | आधुनिक रानीखेत की स्थापना अंग्रेजों द्वारा सन 1869 में की गयी थी तथा इस हिल स्टेशन को उनके द्वारा बहुत ही सुन्दर रूप दिया गया था |

इस हिल स्टेशन में स्थित बिनसर महादेव मन्दिर, चौबटिया गार्डन (Apple Garden) तथा एशिया का सबसे ऊँचा गोल्फकोर्स पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करते हैं | ये सभी स्थान रानीखेत के मुख्य बिन्दु हैं जहाँ पर प्रतिवर्ष लाखों की मात्रा में शैलानी पहुँचते हैं., तथा प्राकृतिक सौन्दर्यता का लुफ्त उठाते हैं | कुमांऊ रेजीमेंट का मुख्यालय रानीखेत में होने की बजह से रानीखेत शहर अत्यधिक साफ़ सुथरा तथा व्यवस्थित है | वैसे तो वर्ष भर यहाँ का मौसम बहुत ही सुहावना रहता है किन्तु यदि आप बर्फ से ढके रानीखेत शहर को देखना चाहते हैं तो आपको यहाँ शरद ऋतु में आना होगा |

 

Auli The Ski Hub of Uttarakhand
 

समुद्रतल से 2800 मीटर की ऊँचाई पर औली (Hill Station) दुनिया भर में स्कीइंग के लिए प्रसिद्ध है जहाँ दुनिया भर से लोग स्कीइंग के प्रशिक्षण के लिए आते हैं | बर्फ की सफ़ेद चादर से ढका औली पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है क्योंकि बर्फ से ढके पहाड़ और पेंड पौधे बहुत ही सुन्दर प्रतीत होते हैं | इस पर्यटन स्थल में प्राकृतिक रूप से ही अच्छी मात्रा में बर्फवारी हो जाती किन्तु फिर भी यहाँ पर विंटर गेम्स आयोजित करवाने के लिए कृत्रिम रूप से भी बर्फ बनायीं जाती है जिसकी बजह से यह हिल स्टेशन अन्य हिल स्टेशनों से अलग है |

औली का सफ़र आप एशिया के सबसे लम्बे रोपवे में बैठकर भी कर सकते है तथा आस-पास की सुन्दर वादियों का नजारा आसानी से देख सकते हैं | औली में स्थित कृत्रिम झील तथा वर्फ से ढका हिम क्रीडा स्थल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं |

Bhimtal Uttarakhand

 यदि आपको प्रकृति का अद्भुत नजारा देखना है तो आप उत्तराखंड के एक छोटे से हिल स्टेशन भीमताल में आईये क्योंकि यहाँ पर उत्तराखंड का सबसे बड़ा ताल है, तथा इस ताल के बीचोबीच एक टापू भी है जो देखने में बहुत सुन्दर प्रतीत होता है | ताल के बीच इस टापू पर एक Aquarium (मछलीशाला) बनाया गया है, जिसे देखने के लिए नाव से जाना पड़ता है | समुद्रतल से इस हिल स्टेशन की ऊँचाई लगभग 1370 मीटर है, यही कारण है कि यहाँ का मौसम अत्यधिक सुहावना है |

भीमताल में स्थित झील की लम्बाई 1670 मीटर, चौडाई 447 मीटर तथा गहराई 15 से 50 मीटर तक है | भीमताल स्थित यह विशाल झील पर्यटकों को भव्य दृश्य प्रदान करती है तथा अपनी ओर आकर्षित करती है | ताल के समीप ही भीमेश्वर महादेव मन्दिर है जिसका सम्बन्ध पांडवकाल के भीम से है |


उम्मीद करते हैं कि उत्तराखंड सामान्य ज्ञान का यह लेख आपको पसंद आया होगा, यदि आप भी उत्तराखंड घूमना चाहते हैं तो यहाँ के हिल स्टेशन आपके लिए hot destination बन सकते हैं | उपरोक्त सभी destination एक बार आपको अवश्य घूमने चाहिए | आपसे गुजारिश है कि आप यह लेख अपने उन सभी मित्रों तक पहुंचाएं जो घूमने के सौकीन हैं | लेख को शेयर करने के लिए आप सोशल मीडिया जैसे facebook, instagram तथा twitter इत्यादि का प्रयोग भी कर सकते हैं |


 

 

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