` जल्द ही चोपता (उत्तराखंड) को कैम्पिंग डेस्टिनेशन के रूप में किया जायेगा विकसित

जल्द ही चोपता (उत्तराखंड) को कैम्पिंग डेस्टिनेशन के रूप में किया जायेगा विकसित


camping destination in chopta

 उत्तराखंड के मिनी स्विट्ज़रलैंड कहे जाने वाले चोपता को बनाया जाएगा कैम्पिंग डेस्टिनेशन

दुनिया का सबसे ऊँचा शिव मन्दिर तुंगनाथ महादेव मन्दिर रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है, तथा इस मन्दिर में भगवान् शिव की पूजा अर्चना के लिए लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष पहुँचते हैं | मन्दिर की 6 किलोमीटर की यात्रा रुद्रप्रयाग जिले में ही स्थित चोपता नामक स्थान से प्रारम्भ होती है, इसलिए चोपता को तुंगनाथ का आधार बिंदु कहा जाता है, जहाँ से सभी दर्शनार्थी अपनी यात्रा प्रारम्भ करते हैं | 

प्रतिवर्ष होने वाली अधिक भीड़ की बजह से यहाँ यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, यह देखते हुए राज्य सरकार द्वारा चोपता को कैम्पिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किये जाने का फैसला लिया गया है | स्थानीय लोगों के द्वारा यहाँ कई कैंप लगाये जायेंगे जिनमे यात्रियों की सभी सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा |

उत्तराखंड के पर्यटन सचिव श्री दिलीप जावलकर जी द्वारा तुंगनाथ में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के माध्यम से यात्रियों की सुविधाओं और स्थापना का सफल निरीक्षण किया गया | उन्होंने यह भी कहा कि तुंगनाथ यात्रा को संचालित करने में उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए |

पर्यटन सचिव जी ने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा सभी महत्वपूर्ण तथा लोकप्रिय ट्रेकिंग रूट्स के निकट सभी गाँव को ट्रेकिंग क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसकी बजह से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा | इस योजना के तहत पुराने मकानों में नए कमरे बनाने के लिए 60,000 रूपए प्रति कक्ष और पुराने कमरों में ही शौचालय बनाने तथा उनकी मरम्मत करने के लिए 25,000 रुपये प्रति कक्ष की सहायता दी जा रही है |

बढती भीड़ की बजह से पहाड़ो में फैलती गन्दगी उत्तराखंड के पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकती है इसलिए तुंगनाथ रूट पर यात्रा के दौरान होने वाली गन्दगी को समय समय पर हटाया जाए तथा गन्दगी न फैले इसकी व्यवस्था करने के लिए पर्यावरण विकास समिति का भी  गठन किया गया है |

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