` DEHRADUN – जानिये उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बारे में (हिंदी)

DEHRADUN – जानिये उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बारे में (हिंदी)

 About dehradun in hindi – उत्तराखंड राज्य की राजधानी देहरादून उत्तम कोटि के शिक्षण संस्थानों के लिए प्रसिद्ध है, तथा यह एक पर्यटन स्थल भी है, जहाँ पर पर्यटकों का प्रतिवर्ष भारी मात्रा में आवागमन होता है | पहाड़ों की रानी के नाम से विख्यात पर्यटन स्थल मसूरी जाने के लिए भी देहरादून होकर ही जाना होता है | यहाँ का मौसम हमेशा ही बड़ा सुहावना होता है, इसलिए गर्मियों के मौसम में भी यहाँ गर्मी का एहसास नहीं होता है | यही कारण है की शैलानी गर्मियों के मौसम में यहाँ भ्रमण के लिए पहुँचते हैं |

देहरादून में वन अनुसंधान संस्थान स्थित है, जो सम्पूर्ण एशिया में अपनी तरह का एकमात्र संस्थान है | यह संस्थान वानिकी में अपने अनुसंधान कार्यों के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है | देहरादून में स्थित पर्यटन स्थल जैसे- गुच्चू पानी, सहस्त्रधारा, बुद्धा टैम्पल, लच्छीवाला, फौरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट इत्यादि देहरादून की शोभा को बढाते हैं, और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं |

देहरादून का इतिहास

History of dehradun in hindi – देहरादून का इतिहास कई वर्ष पुराना है, तथा ब्रिटिश काल के समय यह महत्वपूर्ण केंद्र हुआ करता था | बाहा एवं मध्य हिमालय के बीच दून घाटी में बसे देहरादून शहर का आकार दोने (द्रोण) के जैसा है |

मान्यता है कि महाभारत काल में यहाँ पर आचार्य द्रोण का आश्रम हुआ करता था, इसलिए दून घाटी को द्रोण घाटी के नाम से भी जाना जाता है | यह भी बताया जाता है कि 1699 में पंजाब से यहाँ पर गुरु रामराय आये थे, तथा गुरुद्वारे का निर्माण करवाया था | गुरु रामराय के यहाँ पर डेरा डालने के कारण इस शहर का नाम डेरादून पड़ा था, जो वर्तमान में देहरादून के नाम से जाना जाता है |

1804 तक यह क्षेत्र गढ़वाल नरेशों के अधीन रहा तथा गढ़वाल नरेशों के बाद गोरखा शाशकों ने इस स्थान पर अपना आधिपत्य जमाया, और 1815 के बाद स्वतंत्रता तक ब्रिटिश शाशकों ने इस स्थान पर राज किया | देहरादून को 1817 में जिला बना दिया गया था, तथा इसे मेरठ मण्डल में सम्मिलित कर लिया गया था | 1975 में देहरादून को मेरठ मण्डल से अलग कर गढ़वाल मण्डल में जोड़ दिया गया |

देहरादून के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल

Top visiting places of dehradun in hindi – जैसा कि सभी जानते ही हैं कि देहरादून का मौसम वर्ष भर सुहावना रहता है, जिसकी बजह से हमेशा ही यहाँ पर शैलानियों की भीड़ रहती है | यदि आप भी देहरादून या फिर मसूरी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो देहरादून में इन जगहों पर जाना ना भूलें |

  1. Robber’s Cave (गुच्चूपानी) 
  2. Buddha Temple (बुद्धा टैम्पल) 
  3. Sahastrdhara (सहस्त्रधारा) 
  4. Lachhiwala Picnik Spot (लच्छीवाला) 
  5. Dehradun Zoo (देहरादून चिड़ियाघर) 
  6. Tapkeshwar Mahadev Temple (टपकेश्वर महादेव मन्दिर) 
  7. Forest Research Institute (वन अनुसंधान संस्थान)

Robber’s Cave (गुच्चूपानी)

देहरादून शहर से लगभग 8 किलोमीटर दूर प्राकृतिक वादियों के बीच एक प्राकृतिक गुफा है, जिसे गुच्चूपानी नाम से जाना जाता है | देहरादून में स्थित यह पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, इस  600 मीटर लम्बी गुफा में गुफा के एक कोने से झरने के रूप में गिरता हुआ शीतल पानी बहुत सुन्दर प्रतीत होता है | इस गुफा में झरने के ठन्डे पानी में भ्रमण करना पर्यटकों को खूब भाता है | 

robbers cave dehradun

जानिये क्या कहानी है देहरादून के Robber’s cave की ?

Buddha Temple (बुद्धा टैम्पल)

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित बुद्धा टैम्पल एक तिब्बती मठ है, तथा यह मण्डोलिंग मठ के रूप में भी प्रसिद्ध है | तिब्बतियों का यह धार्मिक स्थल देहरादून के क्लेमन  टाउन में स्थित है, जो ISBT देहरादून से कुछ ही दूरी पर स्थित है | इस बौद्ध मन्दिर का निर्माण 1965 में बौद्ध धर्म की रक्षा तथा संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था | इस मन्दिर को जापानी वास्तुकला शैली से बनाया गया है, तथा यह माना जाता है कि यह सम्पूर्ण एशिया की सबसे बड़ी बुद्धिष्ट समाधी है | 

buddha temple dehradun

वर्षभर में लाखों पर्यटक इस मन्दिर में दर्शन तथा भ्रमण के लिए पहुँचते हैं | देहरादून स्थित इस मन्दिर को बहुत ही सुन्दर ढंग से व्यवस्थित तरीके से बनाया गया है | मन्दिर परिसर में शान्ति का माहौल है, और प्रत्येक मनुष्य यहाँ पहुंचकर मन की शान्ति का अनुभव करता है |

मन्दिर परिसर में बड़े ही व्यवस्थित रूप से एक छोटा सा मार्केट बनाया गया है, जहाँ पर उनके पहनावे, खान-पान, वास्तुकला तथा हस्तकला निर्मित वस्तुएं खरीदी जा सकती हैं | यहाँ पर एक बुक स्टोर भी है, जिसमे सभी पुस्तकें तिब्बती भाषा में उपलब्ध हैं |

यदि आप भ्रमण के लिए देहरादून आये हैं, या भविष्य में कभी देहरादून आने का प्लान बना रहे हैं, तो बुद्धा टैम्पल जरुर आयें, यहाँ आकर आप मन की शान्ति का अनुभव जरूर करेंगे |

Sahastrdhara (सहस्त्रधारा)

देहरादून से 14 किलोमीटर दूर वाल्दी नदी के तट पर यह स्थान देहरादून के मुख्य पर्यटक स्थलों में से एक है | अनेक समूहों में धाराएं बहने के कारण इसे सहस्त्रधारा नाम से जाना जाता है | इन धाराओं में प्राकृतिक रूप से गंधक युक्त जल बहता है, जिसमे स्नान करने से शरीर के कई रोग दूर हो जाते हैं |

यह एक सुन्दर पिकनिक स्पॉट भी है, वर्ष भर शैलानी यहाँ अपने परिवारों तथा सगे सम्बन्धियों के साथ पिकनिक मनाने पहुँचते हैं, और प्राकृतिक वादियों के बीच उनके साथ समय विताते हैं | गर्मियों के मौसम में यहाँ अत्यधिक भीड़ रहती है, क्योंकि गर्मी की तपिश से बचने के लिए सहस्त्रधारा का बहता हुआ शीतल जल पर्यटकों को ठंडक प्रदान करता है | 

सहस्त्रधारा में कई दुकाने हैं, जहाँ पर नाश्ता पानी की व्यवस्था की जाती है , तथा उन्ही दुकानों में नहाने के लिए कपड़ों और तैरने के लिए ट्यूब्स की व्यवस्था भी करवाई जाती है | परिवार तथा साथियों के साथ सहस्त्रधारा में बिताया गया समय पर्यटकों को हमेशा याद रहता है |

Lachhiwala Picnik Spot (लच्छीवाला)

देहरादून से लगभग 22 किलोमीटर दूर हरिद्वार- ऋषिकेश मार्ग पर साल के पेंड़ो के बीच लच्छीवाला पिकनिक स्पॉट है, जो पर्यटकों को अपनी सुन्दरता की बजह से अपनी ओर आकर्षित करता है | गर्मियों की छुट्टियों में पर्यटक यहाँ अपने परिवारों के साथ प्राकृतिक वादियों का लुफ्त उठाने आते हैं | यहाँ पर बहते हुए ठन्डे पानी की जलधारा में नहाकर पर्यटक गर्मी की तपिश से बचते हैं |

lacchiwala dehradun 

इस पर्यटक स्थल में लोगों के भ्रमण हेतु एक बड़े पार्क का निर्माण किया गया है, जिसमे बच्चों के मनोरंजन के लिए कई प्रकार के छोटे बड़े झूले लगाये गए हैं, और इस पार्क को बहुत सुन्दर रूप दिया गया है | मुख्यतः गर्मियों के मौसम में इस स्थान पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है |

Dehradun Zoo (देहरादून चिड़ियाघर)

देहरादून से लगभग 10 किलोमीटर दूर मसूरी रोड में स्थित मालसी डियर पार्क का नाम बदलकर अब Dehradun Zoo कर दिया गया है | देहरादून में राजाजी नेशनल पार्क के बाद देहरादून चिड़ियाघर पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है | मालसी डियर पार्क पहले हिरणों के लिए प्रसिद्ध हुआ करता था , किन्तु वर्तमान में इस चिड़ियाघर में कई नए जीवों का स्वागत किया गया है |

हाल ही में देहरादून के इस चिड़ियाघर में उत्तराखंड का पहला snake park खोला गया है, जहाँ पर किंग कोबरा और अजगर जैसे कई विशाल साँपों का दीदार किया जा सकता है | इस स्नेक पार्क में साँपों की कई प्रजातियाँ जैसे- कोबरा, रसेल, नाग, कामन सैंडबोआ, रेटिकुलेट पायथन समेत कई अन्य प्रकार के साँपों को इस स्नेक पार्क में देखा जा सकता है |

dehradun zoo

यदि आप देहरादून चिड़ियाघर घूमने आये हैं, तो आप यहाँ पर तेंदुआ, साम्भर, हिरन, चित्तीदार हिरन, मगरमच्छ, कछुआ तथा कई प्रकार की मछलियों की प्रजातियाँ और साथ में ही कैक्टस पार्क को भी देख पायेंगे | इस चिड़ियाघर में पक्षियों की भी कई प्रजातियों को देखा जा सकता है |

Tapkeshwar Mahadev Temple (टपकेश्वर महादेव मन्दिर)

टपकेश्वर महादेव मन्दिर देहरादून से 6 किलोमीटर दूर दक्षिण – पश्चिम में एक छोटी सी नदी के तट पर भगवान् शिव को समर्पित एक भव्य मन्दिर है | यहाँ पर एक प्राकृतिक गुफा के अन्दर शिवलिंग स्थापित है, जिसमे प्राकृतिक रूप से शिवलिंग के अभिषेक के लिए पानी की बूंदें टपकती रहती हैं | मुख्य मन्दिर को गुफा के अन्दर ही बनाया गया है, गुफा के अन्दर प्रवेश मात्र से ही भगवान शिव जी के दर्शन के बाद मन की शान्ति का अनुभव होता है |

tapkeshwar mahadev mandir

शिवरात्रि के उपलक्ष्य में यहाँ पर एक विशाल मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमे लाखों की मात्रा में श्रद्धालु पहुँचते हैं, और भोलेनाथ जी के दर्शन हेतु लम्बी कतारों में खड़े रहकर शिव जी के दर्शन पाते हैं | 

मान्यता है कि भोलेनाथ का यह पवित्र स्थान द्रोण पुत्र अस्वत्थामा जी की जन्मस्थली तथा तपस्थली है | बताया जाता है कि पिता गुरु द्रोणाचार्य और माता कृपी की पूजा अर्चना से प्रसन्न होकर भोलेनाथ जी ने उन्हें पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया था, उसके बाद ही उनके घर अस्वत्थामा का जन्म हुआ था |

Forest Research Institute (वन अनुसंधान संस्थान)

1906 में स्थापित 450 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला वन अनुसन्धान संस्थान देहरादून में अपनी शानदार इमारत के लिए प्रसिद्ध है | भारतीय वन सेवा के अधिकारीयों को इस संस्थान में प्रशिक्षण दिया जाता है | इस संस्थान की इमारत इतनी खुबसूरत है कि भारतीय सिनेमा की कई पिक्चरों की शूटिंग इस स्थान पर हो चुकी है |

forest research institute dehradun

इस संस्थान में अनेक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, वनस्पति वाटिका तथा वानस्पतिक संग्रहालय हैं | इस वानस्पतिक संग्रहालय के 6 अनुभाग हैं |

  • पैथोलौजी संग्रहालय
  • सामजिक वानिकी संग्रहालय
  • लकड़ी संग्रहालय
  • कीटविज्ञान संग्रहालय
  • वन- वर्धन संग्रहालय
  • अकाष्ठ वन उत्पाद संग्रहालय

ये सभी संग्रहालय वैज्ञानिक जानकारी के साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण के केंद्र हैं | कई एकड़ में फैला यहाँ का वानस्पतिक उद्यान काफी लोकप्रिय है, और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है |

देहरादून के समीप प्रसिद्ध पर्यटक स्थल

Tourist places near Dehradun in hindi – उत्तराखंड की राजधानी देहरादून वैसे तो अपने आप में ही पर्यटन स्थलों का भण्डार है | यदि आप देहरादून आये है, या फिर भविष्य में आने की सोच रहे हैं, तो आगे की जानकारी आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकती है |

देहरादून के आस पास कई ऐसे पर्यटक स्थल हैं, जो भारत में ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व में अपनी सुन्दरता के लिए प्रसिद्ध हैं | यहाँ पर हम ऐसे ही कुछ पर्यटक स्थलों के बारे में जानकारी देने वाले हैं |

  1. Haridwar (हरिद्वार) 
  2. Rishikesh  (ऋषिकेश) 
  3. Massoorie (मसूरी) 
  4. Kempty Fall (कैम्पटी जलप्रपात) 
  5. Surkanda Devi Temple  (सुरकंडा देवी मन्दिर) 
  6. Tehri Lake (टिहरी झील)

Haridwar (हरिद्वार)

देहरादून से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर उत्तराखंड का पवित्र धाम हरिद्वार स्थित है | हरिद्वार का शाब्दिक अर्थ है “हरी का द्वार” अर्थात भगवान् तक पहुँचने का रास्ता | उत्तराखंड का यह पवित्र धाम शिवालिक श्रेणी के विल्व और नील पर्वयों के मध्य स्थित है | पुराणों तथा साहित्यों में हरिद्वार को गंगाद्वार, देवताओं का द्वार, तीर्थस्थलों का प्रवेश द्वार, चार धामों का द्वार, स्वर्गद्वार, मायापुरी तथा मायाक्षेत्र  इत्यादि नामों से पुकारा गया है | हरिद्वार एक पवित्र धाम होने के साथ साथ प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है, जहाँ लाखों की मात्रा में पर्यटक भ्रमण के लिए आते हैं |

 
haridwar

जानिये कुम्भ का इतिहास

हरिद्वार में हर की पौड़ी नामक एक पवित्र स्थल है, जहाँ पर प्रतिदिन गंगा आरती की जाती है, तथा इस स्थान पर लाखों लोग गंगा स्नान करते हैं | राजा विक्रमादित्य ने अपने भाई भत्रहरी की याद में कुछ पौडियों (सीढ़ियों) का निर्माण करवाया था, जिन्हें भत्रहरी की पौड़ी कहा जाता था, जिसे वर्तमान में हर की पौड़ी के नाम से जाना जाता है | कई वर्षों बाद हर की पौड़ी की जर्जर हालत देख अकबर के सेनापति मानसिंह द्वारा हर की पौड़ी का जीर्णोधार करवाया गया था |

har ki pauri haridwar

यदि आप हरिद्वार आये हैं, तो कर की पौड़ी, मायादेवी मन्दिर, मनसा देवी मन्दिर, चंडीदेवी मन्दिर, कुशावत घाट, विल्वकेश्वर महादेव मन्दिर तथा शांतिकुंज में अवश्य भ्रमण करें | ये सभी दिव्य स्थान आपकी यात्रा को सफल बनाने में सहायक होंगे |

Rishikesh  (ऋषिकेश)

योगनगरी के नाम से विख्यात उत्तराखंड का पर्यटन स्त्थल ऋषिकेश देहरादून के समीप एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है | यह शहर गंगा नदी के तट पर स्थित होने के कारण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है | यहाँ पर कई ध्यान केंद्र हैं, जहाँ पर देश विदेश के पर्यटक शान्ति की तलाश में आते हैं |

rishikesh uttarakhand

ऋषिकेश में स्थित लक्ष्मण झूला के समान्तर बनने वाला शीशे का पुल आने वाले कुछ समय में पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करने वाला है | यह पुल कांच का बना भारत का पहला पुल होगा |

INDIA’S FIRSTGLASS FLOOR BRIDGE (हिंदी में)

ऋषिकेश रिवर राफ्टिंग के लिए भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है | गर्मियों के दिनों में रिवर राफ्टिंग का मजा लेने के लिए यहाँ पर लाखों शैलानी पहुँचते हैं, और गंगा के शीतल जल में राफ्टिंग का लुफ्त उठाते हैं |


river rafting rishikesh

उत्तराखंड के5 प्रमुख पर्यटन स्थल

उत्तराखंड का यह शहर हिमालय पर्वत की तलहटी पर समुद्र तल से लगभग 400 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है, और शिवालिक रेंज से घिरा हुआ है | ऋषिकेश में कई छोटे बड़े आश्रम हैं, जिनमे देशी और विदेशी पर्यटक लम्बे समय तक निवास करते हैं |

यदि आप देहरादून या हरिद्वार आये हैं, तो उत्तराखंड के इस पर्यटक स्थल ऋषिकेश जरूर आयें और गंगा के किनारे भ्रमण का लुफ्त उठायें |

Mussoorie (मसूरी)

देहरादून से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर पहाड़ों की रानी के नाम से जाना जाने वाला प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी स्थित है | यहाँ की सुन्दरता किसी भी पर्यटक के मन को छू लेती है, मसूरी का मौसम वर्ष भर सुहावना रहता है, तथा सर्दिओं के समय यहाँ पर snowfall भी होता है | यह स्नोफॉल मसूरी की सुन्दरता में चार चाँद लगा देता है | गर्मियों की छुट्टियाँ बिताने और सर्दियों में बर्फ़बारी का लुफ्त उठाने लाखों की मात्रा में शैलानी यहाँ पहुँचते हैं |

TOP 5 TOURIST PLACE OF UTTARAKHAND (हिंदी में)

mussoorie

Kempty Fall (कैम्पटी जलप्रपात)

कैम्पटी जलप्रपात मसूरी से 15 किलोमीटर की दूरी पर टिहरीमें स्थित है | 50 फुट की ऊँचाई से गिरता इस झरने का पानी अत्यधिक मनोरम दृश्य प्रदान करता है | झरने के आस- पास के स्थान को बड़े ही व्यवस्थित तरीके से सजाया गया है, झरने के आसपास भी नहाने के लिए कई स्विमिंग पूल बनाये गए हैं | 

kempty fall

गर्मियों के दिनों में जब झरने का पानी अत्यधिक मात्रा में नहीं होता है, तब पर्यटक झरने के नीचे नहाते हैं, और ठन्डे जल की धारा का लुफ्त उठाते हैं | बरसात के दिनों में यह जलप्रपात भयानक रूप ले लेता है, क्योंकि बरसात के दिनों में इसमें पानी की मात्रा बहुत बढ़ जाती है, इसलिए इन दिनों पर्यटकों का इस जलप्रपात के ज्यादा निकट जाना खतरनाक साबित हो सकता है | झरने तक पहुँचने का रास्ता अस्थाई रूप से बंद कर दिया जाता है, ताकि पर्यटक किसी भी दुर्घटना से सुरक्षित रह सकें |

Surkanda Devi Temple  (सुरकंडा देवी मन्दिर)

देहरादून से लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर टिहरी जिले में सुरकुट पर्वत पर देवी दुर्गा को समर्पित सुरकंडा देवी मन्दिर है, जो कि एक प्रमुख हिन्दू मन्दिर है | यह मन्दिर समुद्र तल से लगभग तीन हजार मीटर की ऊँचाई पर स्थित है | देवी दुर्गा का यह मन्दिर माता के 51 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ है | इस मन्दिर का उल्लेख केदारखण्ड तथा मानसखण्ड में भी मिलता है |

surkanda devi temple

प्राकृतिक वादियों के बीच माता का यह मन्दिर आस्था का प्रतीक होने के साथ साथ एक सुन्दर पर्यटन स्थल भी है | जहाँ पर भ्रमण करने तथा देवी के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु आते हैं | पर्यटकों को यह स्थान यहाँ के मौसम और आस पास के हरे भरे पहाड़ों की सुन्दरता की बजह से अपनी ओर आकर्षित करता है |

Tehri Lake (टिहरी झील)

देहरादून से लगभग 106 किलोमीटर की दूरी पर विश्व का पाँचवा सबसे ऊँचा तथा भारत का सबसे ऊँचा बाँध स्थित है, जिसे टिहरी बाँध के नाम से जाना जाता है | इस बाँध में होने वाले वाटर स्पोर्ट्स पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं | टिहरी बाँध में पर्यटक पैराग्लाइडिंग, नौका विहार, वाटर स्कीइं, जेट स्पीड बोट सवारी इत्यादि साहसिक खेलों का हिस्सा बन सकते हैं | गर्मियों के मौसम में शैलानी गर्मी की तपिश को दूर करने के लिए यहाँ होने वाले वाटर स्पोर्ट्स में भाग लेते हैं, तथा आनंदित होते हैं | टिहरी बाँध के चारों ओर की प्राकृतिक सुन्दरता पर्यटकों के मन को मोह लेती है, और पर्यटक इसकी ओर आकर्षित होकर बार बार इस स्थान पर पहुँचते हैं |

tehri lake

भारत का सबसेऊँचा बाँध

 

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