` WASTE to ENERGY – अब उत्तराखंड में भी कचरे से किया जाएगा 5 मेगावाट तक का बिजली उत्पादन

WASTE to ENERGY – अब उत्तराखंड में भी कचरे से किया जाएगा 5 मेगावाट तक का बिजली उत्पादन

वेस्ट टू एनर्जी [in Hindi]

 जोधपुर, दिल्ली,उत्तर प्रदेश तथा महारास्ट्र के बाद अब उत्तराखंड ने भी राज्य में कचरे से होने वाले प्रदूषण तथा दिन- प्रतिदिन बढती हुई कचरे की मात्रा को देखते हुए, राज्य में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने का जिम्मा उठाया है , तथा एक योजना तैयार की है |

इस योजना को धरातल में लागू किया जाए इसके लिए राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने केंद्रीय वन तथा पर्यावरण एवम जलवायु परिवर्तन  मंत्रालय से  वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने की अनुमति मांगी है |

इस योजना के तहत राज्य में उत्पन्न कचरे से बिजली का उत्पादन किया जाएगा | कचरे से बिजली बनाने की यह मुहीम सर्वप्रथम जोधपुर शहर के द्वारा प्रारंभ करी गयी थी |

वेस्ट टू एनर्जी [in Hindi]

वेस्ट टू एनर्जी से सम्बंधित मुख्य बातें –

  • सर्वे के अनुसार राज्य में प्रतिदिन 900 टन कचरा पैदा होता है, जिसमे 50 प्रतिशत कचरा जैविक होता है, जिससे पर्यवरण को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता है | बाकी बचे 50 प्रतिशत में से 17 प्रतिशत कचरे को रि-सायकल कर दिया जाता है, इसके बाद का 21 प्रतिशत जैव चिकित्सा अवशिष्ट और 11 प्रतिशत इनर्ट नेचर है, जो मटेरियल वेस्ट का निर्माण करता है | इस 11 प्रतिशत में कार्बन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो कि हमारे पर्यावरण के लिए हानिकारक है |
  • उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार उत्तराखंड में इकट्ठे होने वाले कचरे से 5 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा सकता है | यदि अधिक से अधिक कचरे का प्रयोग बिजली उत्पादन में किया जाएगा, तो राज्य में बढ़ते हुए प्रदूषण में भी काफी कमी आएगी |

किस प्रकार किया जाता है कचरे से बिजली का उत्पादन ?

कचरे से बिजली पैदा करने का कांसेप्ट ठीक वैसा ही है, जैसा कि पानी से बिजली उत्पादित करना | दोनों ही केस में मुख्य मकसद होता है, टर्बाइन को घुमाना | यदि पानी द्वारा बिजली बनायी जा रही है, तो पानी के तेज बहाव से टर्बाइन को घुमाया जाता है, तथा बिजली पैदा की जाती है | ठीक वैसे ही यदि कचरे से बिजली का उत्पादन किया जाना है, तो यहाँ पर भी टर्बाइन को घुमाना पड़ेगा | कचरे के केस में टर्बाइन को कचरे को जलाकर उससे बनने वाली भाप से घुमाया जाता है, तथा बिजली उत्पादित करी जाती है |

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