` Snow Leopard Conservation centre, Uttarakhand –उत्तरकाशी में बनाया जा रहा है, भारत का पहला हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र

Snow Leopard Conservation centre, Uttarakhand –उत्तरकाशी में बनाया जा रहा है, भारत का पहला हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र

मुख्य बिंदु

  • उत्तरकाशी में बनाया जा रहा है, भारत का पहला हिम तेंदुआ संरक्षण केन्द्र |
  • उत्तराखंड राज्य में हिम तेंदुओं की अनुमानित संख्या 86 है |
  • पहाड़ों में हिम तेंदुए को Ghost of Mountain के नाम से जाना जाता है |
  • 23 अक्टूबर 2019 – अंतररास्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस

 

उत्तरकाशी में बनाया जा रहा है, भारत का पहला हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र

उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले में भैरोंघाटी के लंका नामक स्थान पर केन्द्र सरकार द्वारा हिम तेंदुआ संरक्षण केन्द्र को नीदरलैंड की सहायता से बनाया जा रहा है | साढ़े पांच करोड़ रूपए की धनराशी से बनने वाला यह हिम तेंदुआ संरक्षण केन्द्र भारत का पहला हिम तेंदुआ संरक्षण केन्द्र होगा | सरकार का मानना है कि, इससे उत्तराखंड के tourism(पर्यटन) को भी बढ़ावा मिलेगा |

हिम तेंदुआ नामक यह दुर्लभ जानवर 3000 से 5000 मीटर की ऊँचाई पर नंदादेवी रास्ट्रीय उद्यान, गंगोत्री रास्ट्रीय उद्यान तथा अस्कोट वन्य जीव अभ्यारण में देखने को मिलता है | उत्तराखंड राज्य में 86 हिम तेंदुए होने का अनुमान है |

Snow Leopard Conservation centre, Uttarakhand

23 अक्टूबर 2019, अंतररास्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस के अवसर पर भारत के वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर के द्वारा हिम तेंदुओं की सुरक्षा और उनके संरक्षण को बढ़ावा देनु हेतु, एक पहल की घोषणा की गयी थी | इस पहल के तहत भारत में हिम तेंदुओं की संख्या का आकलन करने के लिए “रास्ट्रीय प्रोटोकॉल” का सुभारम्भ किया गया था | भारत में हिम तेंदुओं की सुरक्षा तथा संरक्षण के लिए यह पहला कार्यक्रम था |

भारत के कुछ राज्यों के सहयोग से इसे विकसित किया गया,जहाँ पर snow leopard (हिम तेंदुए) पाए जाते हैं | जिनमे से एक राज्य उत्तराखंड भी शामिल है | उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्य लद्दाक, जम्मू कश्मीर, सिक्किम तथा अरुणांचल प्रदेश शामिल हैं |

विश्व भर में हिम तेंदुए की घटती हुई संख्या की देखकर सबसे पहले 1972 में IUCN द्वारा हिम तेंदुओं को “लुप्तप्राय” की सूचि में सूचीबद्ध किया गया था |

IUCN क्या है ?

IUCN की फुल फॉर्म “The International Union for Conservation of Nature” है | IUCN यूनाइटेड नेशन की वह संस्था है, जो सम्पूर्ण विश्व में प्रत्येक संकटग्रस्थ प्रजाति पर नजर रखती है |

क्या है Snow Leopard (हिम तेंदुआ)?  

विश्व भर में बिल्लियों की अनेक प्रजातियाँ पायी जाती हैं ,जिनमे से 8 प्रजातियाँ भारत में देखने को मिलती हैं | इन्ही 8 प्रजातिओं में से एक snow leopard (हिम तेंदुआ) है | Ghost of Mountain के नाम से प्रसिद्ध हिम तेंदुआ अन्य बिल्लियों की अपेक्षा बहुत ज्यादा खतरनाक होता है, तथा यह 3000 से 5000 मीटर की ऊँचाई पर जंगलों में पाया जाता है |

संकटग्रस्त प्रजाति के रूप में क्यों शामिल हुआ हिम तेंदुआ ?

हिम तेंदुए के होते हुए अवैध शिकार की बजह से इनकी संख्या में बहुत ज्यादा गिरावट आई है, जिसके कारण इसे संकटग्रस्त प्रजाति की रूप में शामिल किया गया है | Textile Industries में इनके फरों से कपडे बनाये जाते हैं,जिसकी वजह से हिम तेंदुओं की बहुत मांग है | अधिक मांग होने की वजह से हिम तेंदुओं के शिकार को बढ़ावा मिल रहा है |

हिम तेंदुओं के फरों में मौसम के अनुसार अनोखा परिवर्तन देखने को मिलता है | गर्मियों में हिम तेंदुए का रंग पीले/ ग्रे रंग का होता है, किन्तु सर्दियाँ आते ही हिम तेंदुआ सफ़ेद फर की मोटी परत में तव्दील हो जाता है | प्राकृतिक रूप से होने वाले इस परिवर्तन की वजह से यह जीव बदलते मौसम में भी सुरक्षित रहता है |

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