` Biodiversity Park in Uttarakhand – हल्द्वानी में स्थापित किया गया उत्तराखंड का सबसे बड़ा जैव विविधता उद्यान

Biodiversity Park in Uttarakhand – हल्द्वानी में स्थापित किया गया उत्तराखंड का सबसे बड़ा जैव विविधता उद्यान

 
Biodiversity Park in Uttarakhand

जैव विविधता उद्यान, हल्द्वानी

5 जून 2020 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तराखंड वन विभाग के द्वारा हल्द्वानी में उत्तराखंड के सबसे बड़े जैव विविधता उद्यान का शुभारम्भ किया गया | इस पार्क को उत्तराखंड वन विभाग के अनुसंधान विंग ने 2 वर्षों में तैयार किया है | जैव विविधता उद्यान हल्द्वानी में ही एक आधुनिक स्वचालित मौसम स्टेशन (Automatic Weather Station) भी स्थापित किया गया है |

18 एकड़ क्षेत्र में फैले हुए इस जैव विविधता उद्यान (बायोडायवर्सिटी पार्क) में पौधों की लगभग 500 प्रजातिओं को संरक्षित किया गया है | हल्द्वानी में तैयार इस जैव विविधता उद्यान की मुख्य विशेषता यह है, कि इस उद्यान में आध्यात्मिक, धार्मिक, मानव स्वास्थ्य, वैज्ञानिक और सौन्दर्य सम्बन्धी पौधों की प्रजातियों को अलग-अलग भागों में विभाजित किया गया है |

जैव विविधता क्या है ?

किसी भी स्थान पर अलग – अलग प्रकार के जीवों का एक ही परिवेश में पाया जाना ही जैव विविधता कहलाता है | जैव विविधता की मानक परिभाषा को वर्ष 1992 में ब्राजील में आयोजित “पृथ्वी सम्मलेन” में अपनाया गया था |

हल्द्वानी में स्थित यह उद्यान क्यों है, उत्तराखंड का सबसे बड़ा जैव विविधता उद्यान ?

उत्तराखंड वन विभाग द्वारा हल्द्वानी में तैयार किया गया यह उद्यान उत्तराखंड का सबसे बड़ा जैव विविधता उद्यान है | इस उद्यान को 10 भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जहाँ पर जलीय पौधों की 25 प्रजातियाँ, क्लेमर्स की 32 प्रजातियाँ, कैक्टस की 50 प्रजातियाँ, बाँस की 60, ताड़ की 25, ऑर्चिड की 12 प्रजातियाँ, साईंकस की 6, झाड़ियों की 43, औषधीय जड़ी बूटियों की 40, तथा विभिन्न प्रकार के पेंड़ो की 80 प्रजातिओं को संरक्षित किया गया है |

हल्द्वानी में स्थित इस उद्यान में जुरासिक समय में पाए जाने वाले कवक, लाइकेन, शैवाल तथा गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़े वरगद के पेंड और अशोक जैसे विशाल वृक्ष को भी संरक्षित किया गया है | उद्यान में ही उत्तराखंड के अलग-अलग स्थानों पर पायी जाने वाली भिन्न – भिन्न प्रकार की मिट्टी को भी प्रदर्शित किया गया है |

जैव विविधता उद्यान स्थापित करने के उद्देश्य

  • प्राकृतिक कारकों जैसे आग,सूखा, बाढ़, खनन, तस्करी तथा जलवायु परिवर्तन के कारण सम्पूर्ण विश्व में जैव विविधता तेजी से घटती जा रही है | विलुप्त होने की कगार पर खड़े पौधों और जर्मप्लास्म को संरक्षित करने के उद्देश्य से इस जैव विविधता उद्यान को स्थापित किया गया है |
  • जैव विविधता उधान स्थापित करने का उद्देश्य यह भी है कि इसके गठन की सहायता से मानव जाति को जागरूक  किया जा सके तथा मानव जीवन में प्रत्येक पौधे के महत्त्व को बताया जा सके |

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