` Lichen Park- मुनस्यारी में स्थापित किया गया भारत का पहला लाइकेन पार्क

Lichen Park- मुनस्यारी में स्थापित किया गया भारत का पहला लाइकेन पार्क

Lichen Park Munsyari

उत्तराखंड वन विभाग के द्वारा सम्पूर्ण भारत का पहला लाइकेन पार्क 17 जून 2020 को पिथौरागढ़ जिले के मुन्स्यारी क्षेत्र में स्थापित किया गया है | मुन्स्यारी को जौहार क्षेत्र का प्रवेश द्वार कहा जाता है | यह पार्क 1.5 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, तथा इसे वन अनुसन्धान केंद्र हल्द्वानी द्वारा तैयार किया गया है | इस पार्क का काम 2019 में प्रारम्भ कर दिया गया था |

वन विभाग के द्वारा राज्य सरकार को पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए पार्क को जल्द से जल्द खोलने की अनुमति हेतु प्रस्ताव भेजा गया है |

दुनिया में लाइकेन की 20, 000 प्रजातियाँ हैं, जिनमे से 2714 प्रजातियाँ भारत में पायी जाती हैं | भारत में लाइकेन की लगभग 600 प्रजातियाँ उत्तराखंड में,503 प्रजातियाँ हिमांचल में तथा 386 प्रजातियाँ जम्मू और कश्मीर में पायी जाती हैं |

यदि बात उत्तराखंड की करी जाए तो, मुन्स्यारी लाइकेन का हॉट - स्पॉट बन गया है, क्योंकि उत्तराखंड की 600 प्रजातियों में से 150 प्रजातियाँ तो मुन्स्यारी तथा उसके आस पास के क्षेत्रों में ही पायी जाती हैं | यही कारण है कि मुन्स्यारी में सम्पूर्ण दुनिया का पहला लाइकेन गार्डन स्थापित किया गया है |

वैसे तो उत्तराखंड में स्थित मुनस्यारी क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए पहले से ही जाना जाता है, और यह एक पर्यटन स्थल भी है, किन्तु लाइकेन पार्क के यहाँ स्थापित हो जाने से मुन्स्यारी के पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है |

lichen-park-munsiyari
Lichen (लाइकेन)

Picture source -Wikimedia Commons (link)

लाइकेन क्या है ?

लाइकेन बहुत पुराने जीव हैं, क्योंकि लाइकेन की प्रजातियाँ जुरासिक समय से ही पायी जाती हैं | लाइकेन एक मिश्रित प्रकार का जीव है, जो कि Fungus (कवक) तथा Algae (शैवाल) के मिश्रण से तैयार होता है | जब कवक और शैवाल मिलकर लाइकेन का निर्माण करते हैं, तो उस लाइकेन की विशेषताएँ कवक और शैवाल की विशेषताओं से अलग हो जाती हैं |

यदि शैवाल को अलग से देखा जाए तो, उसका रंग तथा अन्य गुण लाइकेन के गुणों से अलग होंगे, और यदि शैवाल के साथ कवक को मिला दिया जाए तो ना तो उसका रंग वह रहेगा और ना ही उसके अन्य गुण समान रहेंगे |

कोई भी कवक, शैवाल के साथ मिलकर लाइकेन का निर्माण कर सकते हैं, यही कारण है की दुनिया में लाइकेन की हजारों प्रजातियाँ हैं |

कवक में प्रकाश संश्लेषण (photo synthesis) की क्रिया नहीं होती है , किन्तु शैवाल के द्वारा प्रकाश संश्लेषण की क्रिया की जाती है , इसलिए कवक तथा शैवाल आपस में मिलकर लाइकेन का निर्माण करते हैं |

लाइकेन कई प्रकार के पर्यारण में पाया जा सकता है | यह बर्फ, पानी, रेत,टुन्ड्रा प्रदेशों तथा पत्थरों में कही भी पनप जाता है |

  • Fungus (कवक) की study को MYCOLOGY कहा जाता है  |
  • Algae (शैवाल) की study को PHYCOLOGY कहा जाता है |
  • Lichen (लाइकेन) की study को LICHENOLOGY कहा जाता है |
  •  

Importance of Lichen (लाइकेन)


मनुष्य के द्वारा की जाने वाली दैनिक क्रियाओं में लाइकेन का बहुत महत्त्व है, क्योंकि लाइकेन एक ऐसा जीव है, जिसका प्रयोग मनुष्य खाने – पीने ,परफ्यूम बनाने तथा रंग बनाने और दवाइयां बनाने में भी कर सकता है |
  • दक्षिण भारत में लाइकेन का प्रयोग खाद्य पदार्थों में किया जाता है,  यहाँ पर इसका प्रयोग curry बनाने में किया जाता है |
  • झूलाघास नामक लाइकेन का प्रयोग हैदरावादी बिरयानी बनाने में किया जाता है |
  • Antibiotics के रूप में लाइकेन का प्रयोग करने के लिए हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है | आने वाले कुछ समय में लाइकेन based antibiotics प्रयोग में लायी जा सकती हैं, क्योंकि पुराने antibiotics वैक्टीरिया based थे, जो कि अब बेअसर होते जा रहे हैं |

पर्यावरण में लाइकेन की महत्वपूर्ण भूमिका- Bio Indicators

पर्यावरण की दृष्टि से लाइकेन अहम् भूमिका निभाते हैं, क्योंकि ये bio indicators का काम करते हैं | Bio indicators के अंतर्गत लाइकेन वायु प्रदूषण का पता लगाने में  में सहायक होते हैं | यदि climet में कुछ भी बदलाव आता है, तो लाइकेन grow (बढ़ना) करना बंद कर देते हैं, या फिर धीमी गति से बढ़ते हैं |

जहाँ पर पर्यावरण में थोडा सा भी वायु प्रदूषण होता है, वहां पर लाइकेन नहीं पाए जाते हैं | अब पहाड़ी क्षेत्रों में भी बढ़ते tourism के साथ – साथ वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है, जिससे लाइकेन की प्रजातियाँ कम होती जा रही हैं |

यह भी पढ़ें

    Bhurmuni Waterfall (भुरमुनी झरना) –Unexplored Waterfall in Pithoragarh, Uttarakhand (link)

    Kamakhya Devi Temple,Pithoragarh (कामख्या देवी मन्दिर) (link)


उम्मीद करते हैं कि “उत्तराखंड सामान्य ज्ञान” कि भारत का पहला लाइकेन पार्क  से सम्बंधित यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी | यदि आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई तो, हमसे जुड़े रहने के लिए हमारे facebook पेज को like कीजिये |

Facebook Page Link

यदि आप उत्तराखंड की मनमोहक तस्वीरें देखना चाहते हैं, तो हमारे Instagram पेज को follow कीजिये |

Instagram Link

धन्यवाद

 

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां