` Bhimtal Lake (भीमताल झील) – कुमाऊँ की सबसे बड़ी झील

Bhimtal Lake (भीमताल झील) – कुमाऊँ की सबसे बड़ी झील

उत्तराखंड सामान्य ज्ञान की इस पोस्ट में कुमाऊँ की सबसे बड़ी झील Bhimtal Lake (भीमताल झील) के बारे में जानकारी देने वाले हैं | यदि आप इस खूबसूरत पर्यटन स्थल के बारे में जानना चाहते हैं, तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें |

Bhimtal Lake (भीमताल झील)

समुद्रतल से 1370 मीटर की ऊँचाई पर स्थित भीमताल झील पर्यटन स्थल भीमताल में आकर्षण का मुख्य केंद्र है | यह एक त्रिभुजाकार झील है, इस झील की लम्बाई 1674 मीटर, चौडाई 447 मीटर तथा गहराई 15 से 50 मीटर तक है | क्षेत्रफल की दृष्टि से यह झील नैनीताल झील से भी बड़ी है | भीमताल की यह सौन्दर्यपूर्ण झील पर्यटकों के लिए भव्य दृश्य प्रदान करती है | नैनीताल झील की तरह ही इस झील के भी 2 कोने हैं जो कि तल्लीताल तथा मल्लीताल के नाम से जाने जाते हैं |

भीमताल झील

झील के बीच में एक प्राकृतिक टापू है, जिसके ऊपर एक Aquarium (मछलीशाला) बनाया गया है, जो कि पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है | यहाँ जाने के लिए नाव द्वारा जाना पड़ता है | इस मछलीशाला में विभिन्न प्रकार की मछलियाँ देखी जा सकती हैं |

भीमताल झील में स्थित Aquarium

उत्तराखंड में बहने वाली गौला नदी का उदगम स्थल भीमताल झील ही है | यह नदी इस झील से निकलकर हल्द्वानी शहर में बहते हुए रामगंगा नदी में मिल जाती है |

नैनीताल की खोज होने से पहले भीमताल को ही महत्त्व दिया जाता था, किन्तु नैनीताल की खोज के बाद नैनीताल झील को ज्यादा महत्त्व दिया जाने लगा | भीमकार (बड़ा आकार) होने के कारण ही इस झील को भीमताल (बड़ा ताल) के नाम से जाना जाता है, किन्तु कुछ विद्वान् इस ताल का सम्बन्ध पांडूपुत्र भीम के साथ बताते हैं | कहा जाता है कि भीम ने ही इस स्थान को खोदकर इस ताल की खोज करी थी |  

Nearby Locations :

  • Bhimeshwar Mahadev Temple (भीमेश्वर महादेव मन्दिर) 
  • Hanuman Temple (हनुमान मन्दिर) 
  • Naukuchiatal (नौकुचियाताल) 
  • Kainchi Dham (कैंची धाम)

Bhimeshwar Mahadev Temple (भीमेश्वर महादेव मन्दिर)

पर्यटन की  दृष्टि के साथ-साथ भीमताल एक धार्मिक स्थल भी है | भीमताल झील के किनारे भगवान् शिव को समर्पित भीमेश्वर महादेव मन्दिर स्थित है, जो कि पांडू पुत्र भीम के द्वारा बनवाया गया था |

भीमेश्वर महादेव मन्दिर
भीमेश्वर महादेव मन्दिर

पौराणिक किवदंतियों के अनुसार भीम द्वारा आसपास के मंदिरों का दौरा करने के बाद उन्हें आकाश से दिव्य आवाज के रूप में आकाशवाणी हुई कि यदि वह चाहते हैं,उनका नाम अगली कई पीढियां याद रखें, तो उन्हें यहाँ  शिव जी का एक मन्दिर स्थापित करना होगा | यही कारण है कि भीमताल झील के किनारे भगवान् शिव जी को समर्पित भीमेश्वर महादेव नामक प्राचीन मन्दिर है |

Hanuman Temple (हनुमान मन्दिर)

भीमताल से 6 किलोमीटर दूर भीमताल-नौकुचियाताल मुख्य मार्ग पर हनुमान जी की 52 फीट ऊँची प्रतिमा को बहुत ही सुन्दर ढंग से गढ़ा गया है |

52 फीट ऊँची हनुमान प्रतिमा

मन्दिर परिसर में वैष्णो देवी तीर्थ की तरह ही दिखने वाली कृत्रिम गुफा बनायीं गयी है, जो मन्दिर के विभिन्न खण्डों की ओर जाती है | हनुमान जी की प्रतिमा के चरणों में भक्तों के लिए मुख्य परिसर में ही विश्राम स्थान तथा ध्यान कक्ष बनाया गया है  तथा हनुमान जी की प्रतिमा के नीचे ही राम दरबार मन्दिर और शनि मन्दिर स्थित हैं |

वैष्णोदेवी गुफा नौकुचियाताल

Naukuchiatal (नौकुचियाताल)

भीमताल से 9 किलोमीटर दूर नौकुचियाताल बहुत ही सुन्दर पर्यटन स्थल है | यह 9 कोनो वाली एक प्राकृतिक झील है, और लोगों का विश्वास है की यदि कोई मनुष्य इसके 9 कोने एक साथ देख लेता है, तो उसे मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है , किन्तु वास्तविकता यह है कि इस झील के 9 कोने एक साथ कभी नहीं देखे जा सकते हैं | वर्तमान समय में एक दृष्टि में इस झील के मात्र 7 कोने ही दिखाई देते हैं |

नौकुचियाताल का सुन्दर दृश्य

यह झील समुद्र तल से 1219 मीटर की ऊँचाई पर स्थित प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है | पक्षी प्रेमियों के लिए यह झील किसी जन्नत से कम नहीं है, क्योंकि इस झील के किनारे कई प्रकार के पक्षी तथा तितलियों की प्रजातियाँ पायी जाती हैं |

Kainchi Dham (कैंची धाम)

कैंची धाम भीमताल से लगभग 19 किलोमीटर दूर रानीखेत-अल्मोड़ा मार्ग पर नीम करोली बाबा जी का भव्य आश्रम है | नीम करोली बाबा हनुमान जी के अवतार माने जाते हैं |

नीम करोली बाबा का यह कैंची धाम नामक दिव्य आश्रम प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल से 22 किलोमीटर तथा भवाली से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है |  प्रतिवर्ष 15 जून को कैंची धाम पर भव्य मेले का आयोजन होता है |

नीम करोली बाबा आश्रम

मान्यता है कि हनुमान जी के इस भव्य मन्दिर में दर्शन मात्र से ही बिगड़ी तकदीर बन जाती है | यही कारण है कि नीम करोली बाबा का यह आश्रम विश्व भर में प्रसिद्ध है |

Paragliding in Bhimtal

साहसिक गतिविधियों में हिस्सा लेने वाले पर्यटकों के लिए यह एक उचित स्थान है, क्योंकि भीमताल में कई प्रकार के साहसिक खेल कराये जाते हैं , जिनमे से पैराग्लाइडिंग पर्यटकों का मुख्य साहसिक खेल है | आप यहाँ पर पैराग्लाइडिंग की मदद से आसमान में उड़ते हुए पूरे शहर को बहुत खूबसूरती से देख सकते हैं |

Bhimtal Paragliding

How to Reach Bhimtal (भीमताल कैसे पहुंचें)?

By Road (सड़क द्वारा) -

  • Dehradun to Bhimtal (distance) - लगभग 300 किलोमीटर  
  • Delhi to Bhimtal (distance) – लगभग 350 किलोमीटर  
  • Kathgodam to Bhimtal (distance)  – लगभग 29 किलोमीटर  
  • Nainital to  Bhimtal (distance) – लगभग 24 किलोमीटर

By Train (रेल द्वारा) -

भीमताल पहुँचने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन “काठगोदाम रेलवे स्टेशन” है | यहाँ पहुँचने के बाद भीमताल जाने के लिए लगभग 29 किलोमीटर पहाड़ी मार्ग का सफ़र करना पड़ता है | स्टेशन से आप टैक्सी या फिर स्थानीय बसों के द्वारा भीमताल पहुँच सकते हैं |

 

उम्मीद करते हैं कि “उत्तराखंड सामान्य ज्ञान” की भीमताल झील से सम्बंधित यह पोस्ट पसंद आई होगी | यदि आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई तो, हमसे जुड़े रहने के लिए हमारे facebook पेज को like कीजिये |

Facebook Page Link

यदि आप उत्तराखंड की मनमोहक तस्वीरें देखना चाहते हैं, तो हमारे Instagram पेज को follow कीजिये |

Instagram Link

धन्यवाद

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां