` कैसे करें कैलाश मानसरोवर की यात्रा ? [Kailash Mansarovar Yatra]

कैसे करें कैलाश मानसरोवर की यात्रा ? [Kailash Mansarovar Yatra]

"उत्तराखंड सामान्य ज्ञान" की इस पोस्ट में आपको बताया जाएगा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा क्या है ? यहाँ कैसे जाया जा सकता है , ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कहाँ से करवाएं तथा किस उम्र के लोग यहाँ जा सकते हैं इत्यादी | अगर आप ये सभी बातें विस्तार में जानना चाहते है तो हमारी इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ें |

Kailash Mansarovar Yatra
कैलाश मानसरोवर यात्रा अपने धार्मिक महत्व तथा सांस्कृतिक मूल्यों के लिए जानी जाती है। आदिकाल से ही कैलाश मानसरोवर को पवित्र तीर्थ माना गया है। ब्राह्मण्ड विज्ञान की दृष्टि से हिमालय विश्व का केन्द्र है। ब्राह्मण्ड की रचना में हिमालय की चोटियों को स्वर्ण कमल की पंखुड़ियाँ कहा गया है। इन शिखरों में से एक शिखर कैलाश पर्वत पर भगवान शिव, शाश्वत ध्यान में लीन है, जो अलौकिक शक्ति से ब्रह्मांड को अक्षुण्ण रखे हुए है। भगवान शिव के निवास कैलाश को द्वादश ज्योर्तिलिगों से भी बढ़कर माना गया है। कैलाश मानसरोवर पर्वत के समीप ही मानसरोवर झील है। माना जाता है की झील के पवित्र जल में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

कैलाश हिन्दुओं, जैनियों तथा बौद्धों के लिए अत्यंत प्राचीन स्थल रहा है। हिन्दुओं का विश्वास है कि इसके चारों ओर कि परिक्रमा करने से जीवन के सभी पाप मिट जाते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार ब्रह्मा, मरीच ऋषि, रावण तथा अनेक ऋषियों ने इस स्थान पर तप किया था तथा इस प्रदेश की यात्रा भगवान कृष्ण, भीम, ऋषि दत्तात्रेय तथा ऋषि व्यास ने की थी। इस स्थान से चार प्रमुख नदियों सिंधु, सतलज, ब्रह्मपुत्र तथा करनाली का उद्गम होता है जो भारतीय उपमहाद्वीप का भरण पोषण करती है। जैन धर्म में इस स्थान को अष्टापदकहा गया है और कहा गया है कि जैनियों के प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव ने यहीं निर्वाण प्राप्त किया था। बौद्ध साहित्य में मानसरोवर को अनवतप्त कहा गया है। बौद्धों के अनुसार कैलाश पृथ्वी के मध्य भाग में स्थित शिव की नाभि है तथा डेमचैक (धर्मपाल) वहाँ के देव है। वे मुण्डमाल पहनते है, व्याघ्रचर्म (बाघ की खाल) धारण करते है, उनके हाथ में डमरू और त्रिशूल है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा

1962 के भारत-चीन युद्ध से पहले यह यात्रा उत्तराखण्ड के लिपूलेख दर्रे, किंगरी-बिंगरी दर्रे तथा नीती-घाटी दर्रे तथा सिक्किम के नाथु-ला दर्रे से की जाती थी। 1962-1980 तक यह सभी रास्ते चीन ने बन्द कर दिये जिससे यात्रा का आयोजन न हो सका। 1981 में चीन तथा भारत सरकार धारचूला तहसील के लिपूलेख दर्रे से यात्रा प्रारम्भ करने पर सहमत हुए जो बिना रूकावट निरंतर जारी है। 2015 में सिक्किम के नाथु-ला दर्रे को भी यात्रा के लिए खोल दिया गया है। 

कैलाश मानसरोवर यात्रा का समय

उत्तराखण्ड के लिपूलेख दर्रे से यात्रा जून से प्रारम्भ होकर सितम्बर तक चलती है। कैलाश मानसरोवर चीन के कब्जे वाले तिब्बत में पड़ता है अतः प्रत्येक यात्री के लिए वीजा जारी किया जाता है। इस यात्रा का आयोजन भारतीय विदेश मंत्रालय, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस(ITBP) तथा कुमाऊ मण्डल विकास निगम (KMVN) के सहयोग से की जाती है। यह यात्रा लगभग 24 दिन की होती है।

KAILASH MANSAROVAR YATRA ROUTE

कैलाश मानसरोवर यात्रा दिल्ली से शुरू होती है यहाँ से कैलाश-मानसरोवर की दूरी 865 किमी. है। दिल्ली में स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। इसके बाद यात्रा कुमाऊ मण्डल विकास निगम (काठगोदाम-नैनीताल) पहुँचती है यहाँ से पहाड़ी मार्ग प्रारम्भ हो जाता है | यात्रा अल्मोड़ा-कौसानी-बागेश्वर-डीडीहाट-धारचूला-नारायण आश्रम पहुँचते है। यहाँ से नारायण आश्रम-गाला-बुंदी-गुंजी-कालापानी-नाभिढांग से होते हुए लिपूलेख दर्रे तक पैदल यात्रा करनी पड़ती है। यहाँ से यात्री तिब्बत(चीन) में प्रवेश करते है तथा चीनी सरकार कुछ औपचारिकतायें पूरी करती है तथा भारतीय मुद्रा तथा डालरों को चीनी मुद्रा युवान में बदला जाता है। यहाँ से कैलाश तीर्थ तक 76 किमी. का मार्ग गाड़ियों में पूरा किया जाता है।
कैलाश शिखर की बनावट शिवलिंग की तरह है। कैलाश शिखर से मानसरोवर झील की दूरी 32 किमी. है। यहाँ कोई मन्दिर या मूर्ति नहीं है अतः यात्री मिट्टी का शिवलिंग बनाकर उसी की पूजा करते है। झील में स्नान कर कैलाश पर्वत तथा मानसरोवर झील की परिक्रमा करते है। यहाँ पास में ही राक्षस ताल है जहाँ से सतलज नदी निकलती है। अपनी परिक्रमा पूरी कर यात्रियों का दल वापस लिपूलेख आ जाता है।

कैलाश मानसरोवर से सम्बंधित कुछ बाते जो जाननी चाहिए -

1. ALTITUDE OF KAILASH MANSAROVAR

  • 6638 मीटर (21778 ft)

2. Distance

  • दिल्ली से माउंट कैलाश की दूरी लगभग 1665 किलोमीटर है |

3.  AGE LIMIT FOR KAILASH MANSAROVAR YATRA

  • उम्र कम से कम 18 वर्ष तथा ज्यादा से ज्यादा 70 वर्ष होनी चाहिए |

4.  TEMPRATURE OF KAILASH MANSAROVAR

  • कैलाश मानसरोवर का तापमान समय के साथ बदलता रहता है, किन्तु यहाँ का औसतन तापमान 15डिग्री c से 22डिग्री c होता है |

5.  ONLINE REGISTRATION

  • कैलाश मानसरोवर यात्रा के बारे में अधिक जानकारी तथा यात्रा का हिस्सा बन ने के लिए आप सरकार द्वारा जारी की गयी वेबसाइट का इस्तेमाल करें |
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